अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो 23 से 26 मई तक भारत की चार दिवसीय यात्रा करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है। यह रूबियो की पहली भारत यात्रा होगी।
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा, "विदेश मंत्री रूबियो 23 से 26 मई तक भारत की यात्रा पर रहेंगे, जहां वह कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे।" पिगोट ने बताया कि विदेश मंत्री वहां वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ बैठकों के दौरान ऊर्जा, सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे। रूबियो 22 मई को स्वीडन में उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद वह भारत की यात्रा पर रवाना होंगे।
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क्या है दौरे का मुख्य एजेंडा?
इस दौरे पर व्यापार सबसे बड़ा मुद्दा होने की उम्मीद है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण उपजे तनाव के बाद, इस साल की शुरुआत में दोनों देश एक व्यापार समझौते के करीब आए थे। फरवरी में दोनों देशों के बीच टैरिफ हटाने और व्यापार समझौते पर काम करने की सहमति बनी थी। अब इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका जाने पर भी चर्चा चल रही है।
रक्षा और रणनीतिक साझेदारी एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगी। हाल ही में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच Quad, रक्षा सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर बातचीत हुई है।
नई दिल्ली में क्वाड सम्मेलन
अगले हफ्ते नई दिल्ली में भारत क्वाड विदेश मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस गठबंधन में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। पीटीआई के अनुसार, इस बैठक में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के प्रभावों सहित वैश्विक चिंताओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है। इसमें जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल होंगे।

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