40-50 वर्षों से बसे परिवारों को मिले मालिकाना हक: नगर पंचायत अध्यक्ष ने आवासपारा-गढियापारा के लिए उठाई पट्टे की मांग

40-50 वर्षों से बसे परिवारों को मिले मालिकाना हक: नगर पंचायत अध्यक्ष ने आवासपारा-गढियापारा के लिए उठाई पट्टे की मांग

परमेश्वर राजपूत, छुरा/गरियाबंद : नगर पंचायत छुरा की अध्यक्ष लुकेश्वरी थानसिंह निषाद ने वार्ड क्रमांक 02, 03 एवं 04 के आवासपारा और गढियापारा क्षेत्र में निवासरत परिवारों को आबादी पट्टा एवं भूमि नियमन प्रदान किए जाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को पत्र प्रेषित किया है।पत्र में अध्यक्ष ने उल्लेख किया है कि इन वार्डों में सैकड़ों परिवार पिछले 40 से 50 वर्षों से लगातार निवास कर रहे हैं। पूर्व में यह क्षेत्र घासधरती और झाड़ी वाला इलाका था, लेकिन समय के साथ यहां स्थायी मानव बसाहट विकसित हो चुकी है और अब यह पूर्ण रूप से आबादी क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। बावजूद इसके आज तक भूमि का विधिवत सर्वेक्षण और नियमन नहीं हो पाया है, जिससे यहां रहने वाले लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि भूमि संबंधी वैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण क्षेत्र के कई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं। कई परिवारों के पास निवास संबंधी वैध दस्तावेज नहीं होने से उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होती है।उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि जनहित एवं सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए आवासपारा और गढियापारा क्षेत्र का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए तथा पात्र परिवारों को आबादी पट्टा अथवा भूमि नियमन की सुविधा प्रदान की जाए। इससे वर्षों से निवास कर रहे परिवारों को मालिकाना हक मिलने के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।अध्यक्ष लुकेश्वरी थानसिंह निषाद ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी, जिससे क्षेत्र के निवासियों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।







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