CM के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां? घोटाले के आरोपी शिक्षक पर मेहरबान अफसर

CM के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां? घोटाले के आरोपी शिक्षक पर मेहरबान अफसर

बिलासपुर :  शिक्षा विभाग में सामने आए एक कथित मेडिकल प्रतिपूर्ति घोटाले को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 30 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोपों में निलंबित किए गए एक शिक्षक के मामले में जहां अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है, वहीं विभागीय स्तर पर उसकी बहाली की प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा तेज हो गई है।जानकारी के अनुसार, बिल्हा विकासखंड के पौंसरा में पदस्थ शिक्षक साधेलाल पटेल पर मेडिकल प्रतिपूर्ति बिलों में कथित फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि प्राप्त करने का आरोप लगा था। मामले की जांच के बाद उन्हें निलंबित किया गया और संबंधित दस्तावेज पुलिस तक भी पहुंचे, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी।

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आरोप है कि शिक्षक ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर प्रस्तुत किए गए मेडिकल दावों में वास्तविक राशि की तुलना में कई गुना अधिक रकम दर्शाई। जांच के दौरान कुछ मामलों में प्रस्तुत बिलों और वास्तविक उपचार व्यय के बीच भारी अंतर सामने आने की बात कही गई। इनमें मृत रिश्तेदार के नाम पर मेडिकल प्रतिपूर्ति का दावा किए जाने का आरोप भी शामिल है।सूत्रों के मुताबिक, मामले में पुलिस जांच की प्रक्रिया लंबित रहने के बीच अब विभागीय स्तर पर बहाली संबंधी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से प्रतिवेदन मांगा गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं, विकासखंड शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मामले में पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा जा चुका है और आगे की कार्रवाई पुलिस स्तर पर लंबित है। हालांकि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने और बहाली की संभावनाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है या फिर आरोपी शिक्षक को विभागीय राहत मिलती है।







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