रायगढ़, 26 मई 2026:जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए संचालित विकास कार्यों की कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने गहन समीक्षा की। उन्होंने जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सभी कार्य गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना पर भी व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान लगभग 1250 से अधिक विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास और जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, इसलिए कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने तथा कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले उपलब्ध समय का उपयोग करते हुए प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक कार्य पूर्ण किए जा सकें। उन्होंने नए स्वीकृत कार्यों के वर्क ऑर्डर तक की प्रक्रिया सितंबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे आगामी वर्ष बारिश पूर्व विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा सके।
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शिक्षा क्षेत्र में लाइब्रेरी, छात्रावास और खेल सुविधाओं पर जोर
बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसके अंतर्गत धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा एवं तमनार में आधुनिक लाइब्रेरी निर्माण की योजना बनाई गई है। प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में लाइब्रेरी सह अध्ययन कक्ष विकसित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध हो सके। इसके अलावा स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, किचन शेड एवं खेल अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के आईटीआई संस्थानों के अपग्रेडेशन तथा विद्यार्थियों के लिए ट्रेनिंग एवं स्कॉलरशिप प्रोग्राम संचालित करने पर भी चर्चा की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मॉडल कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। इसके साथ ही सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ एवं दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के प्रस्ताव भी रखे गए। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वेलनेस सेंटर की स्थापना तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया गया।
पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता
बैठक में समूह जलप्रदाय योजनाएं, बोरवेल, पंप स्थापना एवं पाइपलाइन विस्तार जैसे पेयजल संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के तहत अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, पर्यावरणीय सुधार कार्य तथा तमनार क्षेत्र में उद्यान स्थापना के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा विभिन्न ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, सिंचाई के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने तथा जलाशय निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल विकास से जुड़े प्रस्ताव भी कार्ययोजना में शामिल
खनन प्रभावित क्षेत्रों में नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के साथ रेडी-टू-ईट यूनिट स्थापना का प्रस्ताव भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इससे बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो सहित लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आदिवासी विकास विभाग, पीएमजीएसवाय, कृषि, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी उपस्थित थे।

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