सारंगढ़ : सारंगढ़ जिला चिकित्सालय ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहला सफल सिजेरियन (सी-सेक्शन) ऑपरेशन संपन्न किया है। वर्षों से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी के कारण जिला अस्पताल में सिजेरियन एवं अन्य बड़ी सर्जरी नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब यह बाधा दूर होने के साथ ही मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
पूर्व कलेक्टर संजय कन्नौजे द्वारा जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की आवश्यकता को गंभीरता से उठाया गया था। उनके लगातार प्रयासों के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कुंती नायक की सेवाएं सप्ताह में दो दिन, सोमवार और मंगलवार को जिला चिकित्सालय सारंगढ़ के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।
डॉ. कुंती नायक के कार्यभार संभालते ही 1 जून 2026 को जिला अस्पताल में पहला सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन की कमान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर ने संभाली। उनकी टीम और चिकित्सा स्टाफ की मुस्तैदी से ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। ऑपरेशन के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन, सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव तथा सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के सतत प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अब क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन प्रसव के लिए रायगढ़, बिलासपुर या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने कहा कि यह केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नए युग की शुरुआत है। अब गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस पहल से जिला चिकित्सालय में सिजेरियन सहित अन्य जटिल ऑपरेशनों की सुविधा मजबूत होगी तथा मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।

Comments