वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 03 जून को अधिक मास की विभुवन संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। यह चतुर्थी अधिक मास में ही मनाई जाती है। यह दिन गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक व्रत जरूर करना चाहिए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को जीवन की हर बाधा से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि विभुवन संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
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विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 03 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी को मानई जा रही है।
ज्येष्ठ (अधिक) माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत- 03 जून को रात 09 बजकर 21 मिनट पर
ज्येष्ठ (अधिक) माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन- 04 जून को रात 11 बजकर 30 मिनट पर
संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 03 जून को रात 10 बजकर 04 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- कोई नहीं
अमृत काल- रात 07 बजकर 37 मिनट से 09 बजकर 24 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 38 मिनट से 03 बजकर 34 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 34 मिनट तक
विभुवन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि
भगवान गणेश को इन चीजों का लगाएं भोग
संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को फल, मोदक, मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाना चाहिए। इससे गणेश जी प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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