धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर विधायक जनक ध्रुव ने दी श्रद्धांजलि, दूरस्थ वनांचलों में पहुंचकर आदिवासी समाज के साथ किया स्मरण

धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर विधायक जनक ध्रुव ने दी श्रद्धांजलि, दूरस्थ वनांचलों में पहुंचकर आदिवासी समाज के साथ किया स्मरण

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद:बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव ने मैनपुर विकासखंड के दुर्गम वनांचल एवं घनघोर पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम नारीपानी और कांवरआमा पहुंचकर महान जननायक, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक तथा अमर क्रांतिवीर बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों एवं जनजातीय समाज के लोगों के साथ मिलकर धरती आबा के जीवन, संघर्ष और योगदान को स्मरण किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।

विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान, सामाजिक न्याय तथा जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने शोषण, अन्याय और दमन के विरुद्ध आदिवासी समाज में चेतना, आत्मसम्मान एवं स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनका त्याग, बलिदान और विचार आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने तथा समतामूलक विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि धरती आबा ने अपने अल्प जीवनकाल में जिस साहस और दृढ़ता के साथ आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ी, वह भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके संघर्ष ने न केवल जनजातीय समाज को नई दिशा दी, बल्कि पूरे देश में स्वतंत्रता, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।

इस अवसर पर विधायक ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों में निवासरत जनजातीय भाइयों-बहनों का स्नेह, विश्वास और अपनापन उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वे प्रतिबद्ध हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने भी बिरसा मुंडा के जीवन-दर्शन एवं उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति, सामाजिक एकता और जनअधिकारों के संरक्षण को लेकर विशेष चर्चा हुई।

विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा का संघर्ष केवल इतिहास का विषय नहीं है, बल्कि न्याय, स्वाभिमान, सामाजिक समानता और जनअधिकारों की रक्षा के लिए आज भी एक सशक्त प्रेरणा है। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देते रहेंगे।

"धरती आबा का संघर्ष केवल इतिहास नहीं, बल्कि न्याय, स्वाभिमान और जनअधिकारों की अनवरत प्रेरणा है।"

इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ तथा उपस्थित जनसमुदाय ने महान क्रांतिवीर बिरसा मुंडा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।







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