जर्जर स्कूल भवन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, नए भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी

जर्जर स्कूल भवन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, नए भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी

गरियाबंद :- जिले के आदिवासी अंचल स्थित ग्राम पंडरीपानी में प्राथमिक शाला भवन पिछले दो से तीन वर्षों से जर्जर अवस्था में होने के कारण बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसमें बच्चों को बैठाना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। परिणामस्वरूप प्राथमिक शाला के छात्र-छात्राओं को मजबूरी में माध्यमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से स्कूल भवन की समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

ग्राम पंचायत पंडरीपानी के सरपंच ने बताया कि प्राथमिक शाला भवन लगभग दो से तीन वर्ष पहले ही पूरी तरह जर्जर घोषित हो चुका है। इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से दी गई है। इसके अलावा नए भवन निर्माण की मांग को लेकर प्रभारी मंत्री को भी ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

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सरपंच ने चिंता जताते हुए कहा कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है और ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों की पढ़ाई कहां और किस व्यवस्था में संचालित की जाएगी। वर्तमान में माध्यमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में प्राथमिक कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे दोनों विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार मांग और शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिले हैं। बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर पर भी असर पड़ रहा है।

गांव के लोगों का कहना है कि शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जल्द ही प्राथमिक शाला के लिए नए भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं दी गई और निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस संबंध में गांव में लगातार बैठकों का दौर भी चल रहा है और ग्रामीण आगामी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

वहीं इस मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गजेंद्र ध्रुव ने बताया कि ग्राम पंडरीपानी में प्राथमिक शाला के नए भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित स्तर पर भेज दिया गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल ग्रामीणों और विद्यार्थियों की निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यदि इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो शिक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।







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