सोनहत हत्याकांड के बाद कोरिया में धारा 163 लागू, हथियार और प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध

सोनहत हत्याकांड के बाद कोरिया में धारा 163 लागू, हथियार और प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध

कोरिया : थाना सोनहत क्षेत्र में 16 जून को हुई गंभीर आपराधिक घटना के बाद कानून एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक कोरिया द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार 16 जून 2026 की रात्रि लगभग 10.30 बजे कटगोड़ी निवासी भरत कुमार सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपने साथियों योगेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह, मयंक सिंह एवं नागेन्द्र सिंह के साथ ग्राम नौगई पहुंचे थे। इस दौरान पुरानी रंजिश को लेकर मनोज त्रिपाठी के घर के सामने विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। प्रतिवेदन के अनुसार मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा भरत सिंह के वाहन फॉर्च्यूनर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई तथा उनके साथियों के साथ मारपीट की गई।

घटना में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल नागेन्द्र सिंह एवं विरेन्द्र सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद मृतकों के परिजनों एवं समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त होने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने का प्रतिवेदन जिला प्रशासन को भेजा था।

प्रतिवेदन के आधार पर जिला दंडाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने महलपारा बैकुण्ठपुर, ग्राम नौगई तथा कटगोड़ी स्थित भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के केशर प्लांट क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए इन क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी है।

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जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, कर्मचारी संघ अथवा अन्य संगठन किसी भी प्रकार के घातक अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, रायफल, पिस्टल, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी अथवा अन्य घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा। साथ ही इन क्षेत्रों में जुलूस, धरना-प्रदर्शन, आमसभा आयोजित करने, आपत्तिजनक नारे लगाने तथा आपत्तिजनक पोस्टर अथवा प्रचार सामग्री के वितरण पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।

जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन के लिए लाठी अथवा शस्त्र रखने की आवश्यकता होती है।

प्रशासन ने नागरिकों से शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।







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