सुकमा के दुर्गम इलाकों में विकास की दस्तक, कलेक्टर-SP ने स्कूल और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सुकमा के दुर्गम इलाकों में विकास की दस्तक, कलेक्टर-SP ने स्कूल और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सुकमा: सुकमा जिले के सुदूर और दुर्गम अंचलों में विकास की गति को तेज करने और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रशासनिक और पुलिस महकमे के शीर्ष अधिकारियों ने जमीनी मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, जिला पंचायत सीईओ और डीएफओ ने संयुक्त रूप से शासकीय प्राथमिक शाला दुरमा का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों की इस उच्च स्तरीय उपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि जिला प्रशासन अंतिम छोर पर बैठे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें हर संभव बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने न केवल शैक्षणिक स्तर को परखा, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। कलेक्टर और एसपी ने स्वयं कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी शैक्षणिक प्रगति की सराहना की। इस दौरान बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए खेलकूद गतिविधियों को अनिवार्य करने तथा मध्याह्न भोजन में उच्च प्रोटीन युक्त व पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का यह कदम अंदरूनी क्षेत्रों में कुपोषण को मिटाने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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स्थानीय जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रशासन ने स्कूल परिसर की अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भी तत्काल कदम उठाए हैं। निरीक्षण के दौरान जब शिक्षकों ने सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री वॉल और मध्याह्न भोजन के लिए किचन शेड निर्माण की मांग रखी, तो कलेक्टर ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। बुनियादी समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निवारण करने की प्रशासन की इस कार्यशैली की स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों द्वारा खासी सराहना की जा रही है।

शिक्षा और सामाजिक विकास को गति देने के साथ-साथ जिले की आंतरिक सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए भी प्रशासन मुस्तैद नजर आया। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र गोलापल्ली थाना एवं सीआरपीएफ (CRPF) कैंप का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने देश की सेवा में तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया और उनसे क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की। ग्रामीणों से बेहतर समन्वय स्थापित करने और सतर्कता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का यह प्रशासनिक प्रयास क्षेत्र में शांति, विश्वास और चहुंमुखी विकास के एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।







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