खरीफ सीजन की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: कलेक्टर संतन देवी जांगड़े

खरीफ सीजन की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: कलेक्टर संतन देवी जांगड़े

एमसीबी : खरीफ सीजन को देखते हुए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कृषि विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों के हितों से जुड़े सभी कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के किसानों को समय पर खाद, बीज एवं कृषि आदान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, एग्रीस्टैक निर्माण, दलहन-तिलहन प्रोत्साहन योजना तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने संबंधी विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सहकारी समितियों एवं वितरण केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक एवं बीज उपलब्ध रहें तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन कृषि गतिविधियों का महत्वपूर्ण समय होता है, इसलिए मैदानी अधिकारी नियमित रूप से समितियों का निरीक्षण करें और उपलब्धता की स्थिति पर सतत निगरानी रखें।

कलेक्टर ने कहा कि किसानों को खाद एवं बीज वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा गांव स्तर पर सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि एमसीबी जिले में वर्तमान में 29 हजार 522 किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें से 21 हजार 455 किसानों का एग्रीस्टैक कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 8 हजार 67 किसानों का एग्रीस्टैक कार्य अभी लंबित है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को शेष कार्य को मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें।

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 जांगड़े ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा विभागीय मैदानी अमला किसान गोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं प्रदर्शन प्लॉटों के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों से अवगत कराएं। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग से उर्वरकों की दक्षता बढ़ती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान है।बैठक में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन और रकबे में वृद्धि के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को धान के साथ-साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पात्र किसानों को 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विभागीय कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आरईएओ देवाडांड श्री नीरज कुमार द्वारा विभागीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गई लापरवाही पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे किसानों को शासन की विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराएं तथा सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन में सुधार तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को पूर्ण जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
बैठक के अंत में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने कहा कि कृषि क्षेत्र जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समृद्धि ही जिले के समग्र विकास का आधार है। इसलिए सभी अधिकारी शासन की मंशानुरूप कार्य करते हुए किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा खरीफ सीजन की सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करें।







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