बेमेतरा टेकेश्वर दुबे।23 जून 2026। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं एवं निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी जवाबदेही के साथ कार्य करें और विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी, लापरवाही या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा, संतोषजनक निराकरण के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित एवं निराकृत प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार एक ही प्रकार की शिकायतें प्राप्त होना संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। इसलिए प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने निम्न रैंकिंग वाले विभागों को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए शिकायतों के निराकरण में सुधार लाने के निर्देश दिए।
सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण में लापरवाही नहीं होगी स्वीकार
कलेक्टर ने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन को जनता के निकट लाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया था। ऐसे में प्राप्त आवेदनों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर आवेदकों को लाभान्वित किया जाए तथा निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का समाधान पारदर्शी, प्रभावी और स्थायी होना चाहिए।
ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन पर दिया जोर
बैठक में कलेक्टर ने ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित किए जा रहे प्रकरणों की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि शासन की मंशानुसार कार्यालयीन कार्यों में अधिकतम डिजिटल प्रणाली का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में फाइलों का संचालन, पत्राचार एवं अनुमोदन की प्रक्रिया ई-ऑफिस के माध्यम से नियमित रूप से होनी चाहिए, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं त्वरित निष्पादन सुनिश्चित हो सके। जिन कार्यालयों में ई-ऑफिस का उपयोग अपेक्षाकृत कम पाया गया, उन्हें तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
अवैध खनिज परिवहन एवं उत्खनन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम को लेकर भी समीक्षा की। उन्होंने खनिज, राजस्व, पुलिस एवं संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से नियमित जांच अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा कार्रवाई की जानकारी नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और सतत अभियान चलाने के निर्देश दिए।
*महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा*
बैठक में राजस्व, पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन सहित विभिन्न प्रमुख विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि टीएल प्रकरणों और जनशिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि योजनाओं का असर केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका स्पष्ट प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
*औपचारिकता नहीं, स्थायी समाधान पर दें ध्यान*
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि आवेदकों को वास्तविक, संतोषजनक और स्थायी समाधान मिले। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों का निराकरण समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी तरीके से होना चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, सभी विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे।

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