आम खाने के शौकीन हैं? पहले जान लें यूरिक एसिड मरीजों के लिए कितना सुरक्षित है

आम खाने के शौकीन हैं? पहले जान लें यूरिक एसिड मरीजों के लिए कितना सुरक्षित है

फलों का राजा आम गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक, गर्मियों के मौसम में हर घर की रसोई में आम किसी न किसी रूप में जरूर नजर आता है। स्वाद के साथ-साथ यह विटामिन ए, विटामिन सी और फाइबर का भी बेहतरीन स्रोत है, जो गर्मियों में शरीर को एनर्जी देते हैं। लेकिन एक सवाल जो कई लोगों के मन में रहता है वो है क्या यूरिक एसिड में आम खाया जा सकता है या नहीं। क्योंकि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यूरिक एसिड सिर्फ मांसाहार या दालों से बढ़ता है, लेकिन फलों में मिलने वाली नेचुरल शुगर, जिसे फ्रुक्टोज कहते हैं, भी यूरिक एसिड के लेवल को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में डॉक्टर से जानेंगे कि क्या यूरिक एसिड में आम का सेवन किया जा सकता है या नहीं। चलिए जानते हैं।

क्या कहते हैं डॉक्टर

डॉ. अनिल गोम्बर, सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन एवं डायबिटीज़, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मॉडल टाउन, नई दिल्ली का कहना है कि हाई यूरिक एसिड होने पर आम पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। आम में प्यूरीन की मात्रा कम होती है, इसलिए यह सीधे यूरिक एसिड नहीं बढ़ाता। हालांकि, इसमें नेचुरल शुगर होती है, जो अधिक मात्रा में खाने पर यूरिक एसिड का लेवल बढ़ा सकती है। अगर आपका यूरिक एसिड नियंत्रित है, तो सप्ताह में 2–3 बार एक छोटा आम या लगभग एक कप आम के टुकड़े खाए जा सकते हैं। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की सलाह का पालन करना यूरिक एसिड नियंत्रित रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं अगर आपको बार-बार गाउट के अटैक आते हैं या यूरिक एसिड बहुत अधिक है, तो अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार आम की मात्रा को तय करें।

डॉक्टर से जानें कैसे और कितना खाएं

मात्रा तय करें: दिनभर में आधा कप कटे हुए आम के टुकड़े या एक छोटा आम खाना सुरक्षित माना जाता है। एक बार में बहुत सारे आम खाने से बचें।

मैंगो शेक या जूस से बचें: आम को सीधे चबाकर खाएं ताकि आपको फाइबर मिले। मैंगो शेक, स्मूदी या पैकेज्ड मैंगो जूस में एक्सट्रा चीनी होती है, जो यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ा सकती है।

कच्चे आम से परहेज: हाई यूरिक एसिड के मरीजों को कच्चा आम या कच्चे आम से बना खट्टा पन्ना कम लेना चाहिए, क्योंकि यह कुछ मामलों में वात या जोड़ों की समस्या को बढ़ा सकता है।







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