दंतेवाड़ा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनन्त दीप तिर्की ने जिला जेल दंतेवाड़ा का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ने जेल परिसर, बैरकों तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। प्रधान जिला न्यायाधीश ने बैरकों, भोजन व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उनका जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल में निरुद्ध बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। बंदियों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों एवं समस्याओं का मौके पर ही यथासंभव निराकरण किया गया तथा उन्हें उपलब्ध विधिक सहायता एवं उनके अधिकारों के संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।
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उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि जेल नियमावली के अनुरूप सभी बंदियों को विधिक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरणों की जानकारी प्राप्त हो सके तथा वे अपने अधिवक्ताओं से नियमित रूप से मिलकर प्रभावी पैरवी कर सकें। साथ ही सभी बंदियों को निर्धारित पेशी तिथियों पर संबंधित न्यायालय में समय पर प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश ने बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जेल में संचालित साक्षरता कार्यक्रम की सराहना करते हुए निरक्षर बंदियों को शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने जेल में संचालित कम्प्यूटर टाइपिंग प्रशिक्षण की भी प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार का कौशल प्रशिक्षण बंदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे रिहाई के बाद उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी तथा उनका बौद्धिक एवं व्यक्तित्व विकास भी होगा।

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