बिना सुनवाई नौकरी से निकाली गई शिक्षिका को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 5 साल बाद बर्खास्तगी आदेश हुआ रद्द

बिना सुनवाई नौकरी से निकाली गई शिक्षिका को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 5 साल बाद बर्खास्तगी आदेश हुआ रद्द

बिलासपुर : बालोद जिले के नगर पंचायत अर्जुंदा निवासी तस्लीम बानो सहायक शिक्षक पंचायत शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीटोला में पदस्थ हैं। उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डौंडीलोहारा ने 24 अगस्त 2021 को सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जिसके विरुद्ध दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के याचिका को स्वीकार करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डौंडीलोहारा जिला बालोद द्वारा पारित बर्खास्तगी आदेश को निरस्त कर दिया।

बता दें कि तस्लीम बानो की नियुक्ति सहायक शिक्षक पंचायत के पद पर वर्ष 2005 में हुई थी। कुछ पारिवारिक समस्या के कारण इनके द्वारा अवैतनिक अवकाश के लिए आवेदन पत्र 9 फरवरी 2015 को विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। 4 नवंबर 2020 को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए सहायक शिक्षक पद से त्यागपत्र आवेदन विकासखंड शिक्षा अधिकारी डौंडीलोहारा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, किंतु विभाग द्वारा तस्लीम बानो के त्यागपत्र आवेदन को स्वीकार न करते हुए विभागीय जांच कर 24 अगस्त 2021 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डौंडीलोहारा द्वारा तस्लीम बानो सहायक शिक्षक पंचायत शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीटोला को सहायक शिक्षक पंचायत के पद से बर्खास्तगी आदेश पारित किया गया।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

सेवा से बर्खास्तगी आदेश को लेकर तस्लीम बानो ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत किया था, जिसकी अंतिम सुनवाई 7 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की  कोर्ट में हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी द्वारा यह आधार लिया गया कि याचिकाकर्ता की प्रथम नियुक्ति वर्ष 2005 में हुई थी। वर्ष 2009 में नियमितीकरण हुआ था, जून 2010 से फरवरी 2015 के मध्य लगभग 233 दिन याचिकाकर्ता अनुपस्थित थी।

विभाग द्वारा बिना सुनवाई का मौका दिए विभागीय जांच कर नियम 10 छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन और अपील) नियम 1999 के तहत कार्यवाही करते हुए याचिकाकर्ता को सेवा से बर्खास्त करना अनुचित है, क्योंकि याचिकाकर्ता पंचायत विभाग की नियमित कर्मचारी थी, इसलिए याचिकाकर्ता के ऊपर नियम 7 के तहत कार्यवाही करना था, ना की नियम 10 छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन और अपील) नियम 1999 के तहत। उपरोक्त आधारों पर न्यायालय ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डौंडीलोहारा द्वारा जारी सेवा से बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत याचिका को स्वीकार कर लिया गया।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments