तेहरान/वाशिंगटन: ईरान पर अमेरिका भीषण बमबारी कर रहा है। ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार दोपहर को हुए ताज़ा हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इससे पहले रविवार को भी अमेरिकी सेना ने ईरान पर बमबारी कर कई ठिकानों को निशाना बनाया था।
अबादान और बंदर अब्बास में मची तबाही
ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी 'तसनीम' ने खुज़ेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर के हवाले से बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:45 बजे दक्षिण-पश्चिम ईरान के अबादान शहर में तीन अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया गया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसके अलावा एक अन्य न्यूज एजेंसी 'मेहर' के मुताबिक, दोपहर के समय दक्षिणी ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप के पास भी तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। डिफेंस एक्सपर्ट्स की मानें तो शुरुआती हमलों के बाद अब अमेरिकी हमले का दायरा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तटीय इलाकों से आगे बढ़कर ईरान के अंदरूनी हिस्सों तक फैल गया है।
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राजनयिक प्रयासों को लगा बड़ा झटका
इस भीषण सैन्य टकराव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच चल रही राजनयिक बातचीत पूरी तरह से पटरी से उतरती दिख रही है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका इन हमलों के जरिए ओमान के साथ चल रही शांति वार्ता को कमजोर कर रहा है, जिसका उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना था।
दरअसल, दोनों देशों के बीच 60 दिनों के भीतर एक समझौता करने की समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन इससे पहले कि समझौता होता दोनों देशों के बीच भीषण तनाव पैदा हो गया है।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया
वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामिक रिपब्लिक के ख़िलाफ़ अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इन नए हमलों को क्रूर और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
सोमवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने पिछले 24 घंटों में ईरान के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पकड़ने वाली नावों और कार्गो जहाजों के साथ-साथ मौसम संबंधी फैसिलिटीज और इमारतों पर हमला करके युद्ध से जुड़े सबसे घिनौने अपराध किए हैं। यह कार्रवाई युद्ध खत्म करने के लिए हुए समझौते (MOU) पर साइन होने के सिर्फ़ 25 दिन बाद ही उसके लगभग सभी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।
दरअसल, ईरान की आईआरजीसी ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया जिसके कुछ समय बाद ही रविवार को अमेरिका ने ईरान में कई जगहों पर हमला कर दिया। होर्मुज स्ट्रेट के किनारे बसे दो शहरों बंदर अब्बास और सिरिक में धमाके हुए। वहीं अमेरिका ने इस हमले के पीछे की वजह ईरान की सेना द्वारा साइप्रस के झंडे वाली जहाज पर हमला करना बताया है।

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