आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: कब से शुरू, क्या है कलश स्थापना का शुभ समय? जानें पूरी पूजा विधि

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: कब से शुरू, क्या है कलश स्थापना का शुभ समय? जानें पूरी पूजा विधि

एक साल में कितने नवरात्र आते हैं? तो आपमें से ज्यादातर लोगों का जवाब होगा - दो नवरात्र। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक साल में कुल 4 बार नवरात्रि पर्व मनाया जाता है, जिनमें से दो सामान्य नवरात्रि होती हैं तो दो गुप्त नवरात्रि कहलाती हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि को तो सभी जानते हैं, लेकिन माघ और आषाढ़ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि का कम ही लोगों को पता होता है।

गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान उपासक कड़े नियमों का पालन करते हैं। बता दें गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ ही उनकी दस महा विद्याओं की भी उपासना की जाती है। ऐसा मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान सभी देवियों की गुप्त रूप से आराधना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चलिए जानते हैं गुप्त नवरात्र की पूजा विधि और मुहूर्त।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 तिथि व मुहूर्त

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व 15 जुलाई से 23 जुलाई तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और मां दुर्गा की पूजा का सबसे शुभ 15 जुलाई की सुबह 05:33 से 10:09 बजे तक रहेगा।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि

नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।

घर के मंदिर में या पास में ही एक लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।

फिर एक मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और उस पर विधिवत कलश स्थापित करें।

कलश में साफ पानी और थोड़ा सा गंगा जल भरा जाता है। फिर उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाकर उस पर एक नारियल रखा जाता है।

इस बात का ध्यान रखें कि नारियल को लाल कपड़े में कलावे की सहायता से लपेटकर रखना है।

फिर फूल, कपूर, अगरबत्ती के साथ माता की पंचोपचार पूजा करनी है।

पूजा के अंत में माता रानी की आरती करके उन्हें भोग लगाया जाता है।

नौ दिनों तक मां अंबे की सुबह-शाम पूजा की जाती है।

फिर नवरात्रि के आखिरी दिन कन्याओं को भोजन कराकर पूजा संपन्न की जाती है।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments