सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि समय रैना ने अदालत को गुमराह किया और सुप्रीम कोर्ट के सामने गलत बयान दिए। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर 10 लाख का जुर्माना लगाया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 3 लाख रुपये कर दिया और साथ ही इसे समय पर जमा करने के आदेश दिए हैं। ऑर्डर मे सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत 'इंडिया गॉट लेटेंट' के विवादित एपिसोड में शामिल रहे कॉमेडियन पर 3-3 लाख का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर तय समय के भीतर यह जुर्माना जमा नहीं किया गया, तो समय रैना के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि समय रैना ने अदालत को हल्के में लिया और उनके द्वारा दिए गए बयान सही नहीं पाए गए।
समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया- कोर्ट
कोर्ट के मुताबिक, 'रैना ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया और गलत बयान दिए।' इस तरह के व्यवहार को नजरअंदाज न करते हुए, बेंच ने कॉमेडियन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर तय समय के अंदर यह रकम जमा नहीं की गई, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि, समय रैना ने न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में लिया और पाया कि उनके सामने दिए गए बयान सही नहीं थे।
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इंडियाज गॉट लेटेंट 2025 विवाद से जुड़े मामले पर सुनवाई
'बार एंड बेंच' के अनुसार, ये सुनवाई 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर दर्ज FIR से जुड़ी कार्यवाही के सिलसिले में हुआ। यह मामला यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया से भी जुड़ा है, जिनके शो पर पहले रोक लगा दी गई थी, लेकिन बाद में यह रोक हटा ली गई क्योंकि उन्होंने दिव्यांग लोगों को शामिल करके जागरूकता कार्यक्रम बनाने का वादा किया था। सुनवाई के दौरान, वकील अपराजिता सिंह ने रैना के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कोर्ट से कहा, 'अब हमें उनके शो के बारे में बात करना भी बुरा लगता है। वह कुछ दिव्यांग लोगों को खास जगहों पर बुलाकर शो करते हैं। समय रैना जैसे लोग युवाओं के लिए आइकॉन माने जाते हैं। यह सोचकर ही मुझे घिन आती है।' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा, 'हमारे युवाओं के पास बेहतर आइकन हैं।'
समय रैना पर 3 लाख का जुर्माना
रैना पर कड़ी टिप्पणी करते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने कहा, 'समय रैना ने अदालत को गुमराह किया है और इस अदालत के आदेशों का बेशर्मी से उल्लंघन किया है। गलत व्यवहार तब और बढ़ जाता है जब रिकॉर्ड पर कुछ भी न होने के बावजूद हलफनामा दायर किया जाता है।' मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा- 'अगर आप अपना व्यवहार सुधारना या समाज के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना नहीं जानते हैं, तो आपको इसके नतीजे भुगतने होंगे।' इसके बाद बेंच ने 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और इसे दो सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया, जिसे बाद में घटाकर 3 लाख कर दिया गया।
क्या है पूरा विवाद?
बता दें, पूरा विवाद समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के जनवरी 2025 के एक एपिसोड से जुड़ा है, जिसमें यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया ने अभिभावकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जैसे ही ये एपिसोड यूट्यूब पर अपलोड किया गया, इस पर बवाल मच गया। जिसके बाद लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की थी। इस विवाद के बाद समय रैना के खिलाफ की एफआईआर दर्ज हुईं और उन्होंने अपने शो के सारे एपिसोड यूट्यूब सहित अन्य प्लेटफॉर्म से हटा दिए। अब हाल ही में समय रैना ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' के साथ वापसी की है, जिसे लेकर पिछले दिनों एक नया विवाद खड़ा हो गया। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में '370 बिरयानी' विवाद के बाद समय रैना का एक वीडियो चर्चा में आ गया, जिसमें वह हार्ट-अटैक को लेकर मजाक करते दिखे थे। इस वीडियो को लेकर वह फिर ट्रोल्स के निशाने पर आ गए।

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