राजगिरा यानी अमरंथ के अनाज का इस्तेमाल अक्सर व्रत में किया जाता है। लेकिन गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर शुभम वात्स्य अपने यू ट्यूब पेज पर वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि यह अनाज आने वाले समय में सुपरफूड बन सकता है। यह नेचुरली ग्लूटेन फ्री होने के साथ प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर है और इसमें 9 एसेंशियल अमीनों एसिड पाए जाते हैं।
इसमें मौजूद एक अमीनों एसिड लाइसिन, कोलेजन फॉर्मेशन, कैल्शियम अब्सॉर्प्शन, टिशू रिपेयर और मसल्स रिकवरी के लिए बहुत ज़रूरी होता है। एक कप पकाए हुए राजगिरा में 9 ग्राम प्रोटीन होता है और 5 ग्राम फाइबर मिलता है। यानी यह अनाज आपको एक साथ कई फायदे दे सकता है। चलिए जानते हैं इसके फायदे और सेवन का सही तरीका?
राजगिरा का सेवन करने से मिलते हैं कौन से फायदे?
पाचन करता है बेहतर: अमरंथ आपके पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने में बेहद लाभकारी है। इसमें मौजूद फाइबर कॉन्स्टिपेशन और ओवर ईटिंग दोनों को कंट्रोल करने में मददगार है।
प्रोटीन और फाइबर का संतुलन: राजगिरा में प्रोटीन और फाइबर दोनों प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं और बार-बार भूख लगने की समस्या को रोकते हैं।
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हड्डियां बनती हैं मजबूत: राजगिरा , कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होने की वजह से हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह अनाज ऑस्टियोपोरोसिस को कम करने में भी अत्यधिक प्रभावी हैं
ब्लड शुगर करता है कन्ट्रोल: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो इसका डाइट मे ज़रूर सेवन करें। राजगिरा कार्ब्स के अब्सॉर्प्शन को स्लो डाउन कर के ब्लड शुगर स्पाइक को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह पूरी तरह से ग्लूटेन फ्री है, जिससे यह ग्लूटेन संवेदनशीलता वाले मधुमेह रोगियों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है
राजगिरा का सेवन कैसे करें?
राजगिरा के अनाज का सेवन आप आटे के फॉर्म में कर सकते हैं। आप इसका आटा अपने रेगुलर आटे में मिलाकर इसका सेवन करें। इसके अलावा आप इसे दलिया के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साबुत दानों को दूध में पकाकर ड्राई फ्रूट्स के साथ आप इसका सेवन खीर की तरह भी कर सकते हैं। हालांकि, इसकी रोटियां बेहद फायदेमंद मानी जाती है।

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