106वें मिनट में टूटा मेसी का सपना, फेरान टॉरेस के ऐतिहासिक गोल से स्पेन बना FIFA World Cup 2026 का चैंपियन

106वें मिनट में टूटा मेसी का सपना, फेरान टॉरेस के ऐतिहासिक गोल से स्पेन बना FIFA World Cup 2026 का चैंपियन

न्यूयॉर्क: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से मात देते हुए दूसरी बार ये खिताब जीत लिया है। 90 मिनट तक बिना गोल के चले इस मुकाबले में एक्स्ट्रा टाइम में कुछ ऐसा हुआ जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।

मैच के 106वें मिनट में स्पेन के स्टार विंगर फेरान टॉरेस ने ऐतिहासिक गोल दागते हुए अपनी टीम की जीत पक्की कर दी। इसी के साथ अर्जेंटीना और उनके दिग्गज स्ट्राइकर लियोनेल मेसी का लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सपना टूट गया।

फेरान टॉरेस बने स्पेन के हीरो

एक्स्ट्रा टाइम के हाफ टाइम के बाद खेल की शुरुआत होते ही स्पेन को आखिरकार 106वें मिनट में वह सफलता मिल ही गई। फेरान टॉरेस ने सही समय पर सही जगह मौजूद रहकर शानदार फिनिशिंग के साथ गोल दागा और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। 105 मिनट तक चले संघर्ष, छूटे हुए मौकों और एक अमान्य घोषित हुए गोल के लंबे इंतजार के बाद स्पेन की मेहनत रंग लाई। इस गोल के साथ ही अर्जेंटीना का कड़ा डिफेंस भी टूट गया।

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पूरे मैच में रहा स्पेन का दबदबा

मैच के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे मुकाबले में स्पेन का एकतरफा दबदबा देखने को मिला। स्पेन ने 68% बॉल पसेशन अपने पास रखते हुए कुल 803 पास पूरे किए, जबकि अर्जेंटीना की टीम केवल 32% पसेशन और 445 पास ही बना सकी। अटैकिंग फ्रंट पर भी स्पेन ने गोल करने के कुल 20 प्रयास किए, जिनमें से 11 शॉट्स ऑन टारगेट थे जबकि अर्जेंटीना पूरे मैच में केवल 3 शॉट्स ही ले पाई और एक भी शॉट टारगेट पर नहीं रख सकी। मुकाबले में आक्रामकता और फाउल्स की भी भरमार रही, जहां स्पेन ने 21 फाउल्स किए लेकिन उन्हें एक भी येलो कार्ड नहीं मिला, वहीं अर्जेंटीना ने 24 फाउल्स किए और उनके खिलाड़ियों को 5 येलो कार्ड (और एंजो फर्नांडीज को रेड कार्ड) का सामना करना पड़ा।

हाफ टाइम तक नहीं हुआ था एक भी गोल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के इस महामुकाबले में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच पहले हाफ का खेल बेहद रोमांचक और रक्षात्मक रणनीति से भरा रहा, जिसके चलते स्कोरलाइन 0-0 की बराबरी पर रही। हालांकि, मैच के पहले हिस्से में स्पेन की टीम पूरी तरह हावी दिख रही थी। स्पेन ने 64% बॉल पजेशन के साथ खेल पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना के पास केवल 36% पजेशन ही रहा। इतना ही नहीं, स्पेन की तरफ से गोल करने की कोशिशों में 3 शॉट्स (जिसमें 1 शॉट ऑन टारगेट शामिल है) दागे गए, जबकि अर्जेंटीना की टीम पहले हाफ में स्पेन के डिफेंस को भेदने में नाकाम रही और एक भी शॉट नहीं लगा सकी।

90 मिनट तक भी कोई गोल नहीं

फाइनल मुकाबले में निर्धारित 90 मिनट का खेल खत्म होने तक दोनों ही टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं, जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में खिंच गया। पूरे मैच के दौरान स्पेन की टीम का पूरी तरह से दबदबा देखने को मिला जहां उन्होंने 65% पसेशन के साथ गोल करने के 17 प्रयास किए और 11 शॉट्स ऑन टारगेट भी रखे। दूसरी ओर, डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के हाथ एक भी शॉट नहीं लगा और उनकी मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब इंजरी टाइम (90+3) में एंजो फर्नांडीज को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। जिसके बाद अर्जेंटीना को मैच 10 खिलाड़ियों से खेलना पड़ा।







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