पितरखेदा या मुखिया खेदा…

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chhattisgarh.co  2 october 2021  : सात अक्टूबर से नवरात्री है शक्ति पूजन का पर्व राजनीति में भी खेल गज़ब के होते है , शक्ति पूजन पर्व में शक्ति किसी के हाथ में जाएगी और कोई शक्ति विहीन होगा | क्योंकी सत्ता का मुखिया होना कितना आवश्यक है ,ये अभी -अभी सबने पंजाब में देखा है | पंजाब की झाकी के छत्तीसगढ़ में भी दोहराए जाने के पुरे आसार बन रहे | पितरो को याद कर पितृपक्ष में शक्ति और आशीर्वाद संचय की जो कामना सत्ताधीशो की थी,वो लगता है,   पितर खेदा के दिन याने पितृपक्ष अमावस्या की काली स्याह रात में गुम हो जाएगी। अवसान वो  भी अमावस्या में होगी ऐसी कानाफूसी पूरे जोरों से चल रही है। जन चर्चाओं में सत्ता परिवर्तन प्रदेश का अभी सर्वोपरि बना हुआ है।

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