छत्तीसगढ़ियॉ ओलंपिक के आयोजन से भाजपा के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? : धनंजय सिंह ठाकुर

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भाजपा से जुड़े लोग भी खेले गुल्ली डंडा चढ़े गेड़ी, यही हमारी संस्कृति है हमारे पारंपरिक खेल है इससे परहेज क्यों?

भाजपाइयों का काम ही है छत्तीसगढ़ की संस्कृति कला खेलकूद बोली भाखा परंपरा का विरोध करना

Chhattisgarh.Co  6  October 2022 रायपुर  : छत्तीसगढ़ियॉ ओलंपिक के आयोजन को लेकर टीका टिप्पणी कर रहे हैं भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहां कि आखिर भाजपा को छत्तीसगढ़ियॉ ओलंपिक के आयोजन से तकलीफ क्यों हो रही है?भाजपाई भी गुल्ली डंडा खेले, बिल्स, पिट्ठुलु खो-खो कबड्डी खेलें गेड़ी चढ़े, भंवरा चलाये, यही तो हमारी पारंपरिक खेल है हमारी संस्कृति में है और इस से परहेज क्यो? भाजपाइयों को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक खेलकूद से दूर रहने का फरमान क्या आरएसएस ने जारी किया है ? भाजपा को छत्तीसगढ़ियॉवाद छत्तीसगढ़ी बोली खानपान परंपरा तीज तिहार खेल से इतनी नफरत क्यों है? राज्य सरकार जनता के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति का आयोजन करती है तब भाजपा विरोध क्यों करती है? 15 साल तक छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को भी अवसर दिया था लेकिन 15 साल में रमन सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार रहन-सहन खान-पान बोली भाखा खेलकूद को आगे बढ़ाने के लिए कोई काम ही नही किया। बल्कि पूर्व की रमन सरकार ने तो छत्तीसगढ़ के खेल मैदानों को भी खत्म किया हैं खेल मैदानों में नेट प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों के लिए शुल्क लगा दिया है पूरी तरीके से खेल संस्कृति को खत्म करने की साजिश 15 साल में हुई है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहां कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ियॉ ओलंपिक के आयोजन करवाकर एक बार फिर से राज्य की पारंपरिक खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का काम किया है। जब से राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी है लगातार छत्तीसगढ़ की सांस्कृति और सामाजिक परंपराओं तीज त्योहार को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ियॉ ओलंपिक से स्वस्थ और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा। साथ ही हमारे पारंपरिक खेलो कबड्डी, खो-खो, फुग्गड़ी, लंगड़ी दौड़, रिलेरेस, भौंरा, कंचा, गेड़ी, पिठ्ठुल जैसे खेलों की अनुभूति देश और दुनिया के लोग भी कर पायेंगे। छत्तीसगढ़ियॉ ओलंपिक में आयु सीमा का बंधन हटा कर सरकार ने बच्चों से लेकर युवाओं, वृद्धों में भी एक अनोखी ऊर्जा का संचार किया है। आयोजन में 18 वर्ष तक की आयु के लोग अलग भाग लेंगे और 18 से 40 वर्ष के लोगों के लिये अलग प्रतियोगिता कराई जायेगी। 40 वर्ष से अधिक लोगों जिसमें उम्र की कोई सीमा नहीं, लोग इस प्रतियोगिता में शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता से स्वस्थ छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़ का और सांस्कृतिक रूप से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ का निर्माण का मार्ग बनेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सफल महत्वपूर्ण निर्णय के लिये कांग्रेस पार्टी बधाई देती है।

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